उत्तर प्रदेश: लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर वाराणसी दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह लगभग 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) पहुंचे. यहां पीएम संसद संस्कृत प्रतियोगिता के टॉपर्स को सर्टिफिकेट बांटे. यह वही विश्विद्यालय है जहां आज से लगभग तीन महीने पहले IIT की छात्रा के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के पदाधिकारियों द्वारा यौन उत्पीड़न करने का मामला सामने आया था. आश्चर्य की बात यह है कि, पीएम मोदी सहित तमाम पार्टी के बड़े नेता आज बीएचयू कैम्पस में पहुंचे, छात्रों से भी मिले, लेकिन पीड़िता या महिला सुरक्षा को लेकर अपने भाषण में कुछ नहीं कहा, न ही पीड़िता से मुलाकात की.
बीएचयू के एक आईआईटी छात्र ने द मूकनायक को बताया कि, “पीड़िता के न्याय के लिए जब भी हम लोग प्रोटेस्ट करते थे तब-तब ABVP छात्र संगठन के लोगों ने इसे दबाने का प्रयास किया. हम लोगों को तमाम धमकियां दी गई. आपको क्या लगता है कि प्रधनमंत्री मोदी अपनी इमेज बनाने के बजाय वह पीड़िता के बारे में कुछ बोलेगे.. या मिलेंगे?”
बीएचयू से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे एक अन्य छात्र ने बताया कि, पीएम मोदी सुबह यहां आए हैं लेकिन उन्होंने उस मामले पर कुछ नहीं बोला है. “जब भी पीएम मोदी या कोई अन्य बड़े बीजेपी के नेता बीएचयू में आते हैं तो छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों को पुलिस उठा लेती है,” छात्र ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए कहा. प्रधानमंत्री मोदी के बीएचयू पहुंचने से पहले कुछ छात्र नेताओं को हिरासत में लिए जाने की बात भी छात्र ने बताई.
द मूकनायक ने पीड़ित छात्रा से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनसे सपर्क नहीं हो सका.
आपको बता दें कि, पिछले साल 2 नवम्बर को दर्ज हुए एफआईआर में बीएचयू की IIT छात्रा के आरोपों ने पूरे प्रदेश में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में महिला सुरक्षा की चिंताओं को बढ़ा दिया था. पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में छात्रा का आरोप था कि, रात में लगभग डेढ़ बजे, जब पीड़िता अपने दोस्त के साथ जा रही थी तभी तीन अज्ञात लोगों ने उसे कोने में ले जाकर उसे नग्न कर उसकी फोटो और वीडियो बनाई थी.
घटना के 60 दिन बाद पुलिस ने 3 आरोपियों - बृज इंक्लेव कॉलोनी सुंदरपुर के कुणाल पांडेय (भाजपा महानगर के आईटी सेल का संयोजक), जिवधीपुर बजरडीहा के आनंद उर्फ अभिषेक चौहान (भाजपा वाराणसी महानगर आईटी सेल का कार्य समिति सदस्य), और बजरडीहा के सक्षम पटेल (बीजेपी वाराणसी महानगर के आईटी सेल के सह -संयोजक) को गिरफ्तार किया था. इस घटना में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों का नाम आने के बाद विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला था. हालांकि, मामले में आरोपियों की जमानत याचिका को कोर्ट ने भी खारिज कर दिया था। दलील और अपराध की गंभीरता के बाद दो आरोपियों को कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। वहीं पुलिस ने भी जांच का हवाला देते हुए जमानत नहीं दिए जाने की बात रखी। जिसके बाद आरोपियों की न्यायिक हिरासत बरकरार है।
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