राजस्थान: सीवर में सफाई करते समय तीन लोगों की मौत, एक साथ तीन अर्थियों को देख हर किसी की आंख हुई नम!

परिवार ने एक करोड़ रुपए नगद और मृतक के परिवारजन में से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और एलएनटी कंपनी पर लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज करने की बात रखी।
गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।फोटो साभार- दैनिक भास्कर
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राजस्थान: फतेहपुर जिले में सीवरेज में सफाई करते समय तीन लोगों की मौत का मामला सामने आया है. घटना की सूचना मिलते ही शव को देखने के लिए स्थानीय लोगों का तांता लग गया. लोग पीड़ित परिजनों के मदद के लिए धरने पर बैठ गए. मामले में रात 12 बजे वार्ता सफल होने के बाद 7 घंटे से चल रहा धरना समाप्त हुआ। तीन दौर की वार्ता के बाद परिजनों ने धरना खत्म कर दिया।

अतिरिक्त जिला कलक्टर रतन स्वामी ने बताया कि, "एलएनटी कंपनी द्वारा तीनों मृतक के परिवार को 30-30 लाख रुपए नगद, दाह संस्कार करने के लिए एक-एक लाख रुपए के अलावा मृतक के नॉमिनी को तनख्वाह से आधे रुपए पेंशन के रूप में दिए जाएंगे।"

मृतकों की फोटो
मृतकों की फोटो फोटो साभार- दैनिक भास्कर

सुबह पोस्टमार्टम कर सुबह तीनों युवकों का शव परिवार जनों को सौंप दिया गया। जिसके बाद बुधवार सुबह तीनों युवक सज्जन (30), मुकेश (35), महेंद्र (38) का अंतिम संस्कार किया गया। शहर में एक साथ निकली तीन अर्थियों को देखकर हर किसी की आंख नम हो गई। घटना के बाद बस्ती में घरों के चूल्हे नहीं जले।

बता दें कि तीन लोगों की सीवरेज चैंबर में मौत के बाद परिवार समेत धीरे-धीरे वाल्मीकि समाज समेत सर्व समाज के लोग और जन प्रतिनिधि भी राजकीय धानुका उप जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचना शुरू हो गए और देखते ही देखते कुछ ही देर में सैकड़ों लोग अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए।

मामले में, परिवार ने एक करोड़ रुपए नगद और मृतक के परिवारजन में से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और एलएनटी कंपनी पर लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज करने की बात रखी।

सीवर सफ़ाई से जुड़े कुछ सरकारी नियम और कोर्ट के आदेश

  • मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट 2013 के तहत, सीवर सफ़ाई के लिए किसी को भी सीवर में उतारना गैरकानूनी है.

  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे हाथ से सीवर सफ़ाई की प्रथा को खत्म करें.

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीवर सफ़ाई के दौरान मरने वालों के परिजनों को 30 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांग होने वालों को 20 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाए.

  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से यह सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है कि सीवर सफ़ाई के काम के लिए लोगों को सीवर में प्रवेश करने की ज़रूरत न हो.

  • सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट्स को सीवर से होने वाली मौतों से जुड़े मामलों की निगरानी करने से रोकने का निर्देश नहीं दिया है.

गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
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