सरकार ने छात्र आत्महत्याओं और जातिगत भेदभाव की शिकायतों पर कोई ठोस आंकड़ा नहीं दिया और न ही यह बताया कि जाति-आधारित उत्पीड़न को लेकर कितनी शिकायतें आईं और कितनी का समाधान हुआ।
सरकार ने छात्र आत्महत्याओं और जातिगत भेदभाव की शिकायतों पर कोई ठोस आंकड़ा नहीं दिया और न ही यह बताया कि जाति-आधारित उत्पीड़न को लेकर कितनी शिकायतें आईं और कितनी का समाधान हुआ।