The Mooknayak - आवाज़ आपकी

Read More
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर निशु आज़ाद पहुंची
Geetha Sunil Pillai
4 min read
निशु आज़ाद थाने पहुंचीं, CJP और चंद्रशेखर संग बनाया दबाव
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग तेज, दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हो रहे सवाल।
केरल में दलित ईसाइयों की बड़ी आबादी है, जिनके पूर्वज पीढ़ियों पहले धर्म परिवर्तन कर चुके थे। समुदाय का कहना है कि धर्मांतरण के बावजूद उसे आज भी जातिगत आधार पर सामाजिक और आर्थिक भेदभाव झेलना पड़ता है, इसलिए उसे भी वही संवैधानिक सुरक्षा मिलनी चाहिए जो अन्य धर्मों के दलितों को हासिल है। (सांकेतिक चित्र)
अमय की कहानी में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी उपलब्धि को केवल एक गोल्ड मेडल की तस्वीर में नहीं देखा जा सकता। उनकी यात्रा में शिक्षा, व्यक्तिगत अनुभव, कानूनी समझ, सामाजिक सरोकार और छात्र नेतृत्व एक-दूसरे से जुड़े हुए दिखाई देते हैं।
आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य चिंता यही थी कि यदि चारों कॉलेजों को सामान्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तरह माना गया और उत्तर प्रदेश का सामान्य आरक्षण ढांचा लागू हुआ, तो SC/ST विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सीटों में बड़ी कमी हो सकती है।
Read More
Read More
द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com